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अप्रैल 15, 2026

भारत में बिना दावे वाली रकम वापस पाएं; हज़ारों करोड़ रुपये का निवेश बिना किसी दावे के पड़ा है, जिससे लाखों परिवारों का आर्थिक भविष्य धीरे-धीरे कमज़ोर हो रहा है। चाहे पता बदलने, सर्टिफिकेट खोने या बस जानकारी न होने की वजह से हो, ये बिना दावे वाली संपत्ति हमेशा के लिए खो नहीं जाती है। 'इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड अथॉरिटी' (IEPF) आपकी अपनी संपत्ति को वापस पाने का एक साफ़ और कानूनी रास्ता देती है।
भारत में बिना दावे वाली रकम वापस पाएं: 'इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड अथॉरिटी' (IEPF) भारत सरकार द्वारा 'कंपनीज़ एक्ट, 2013' के तहत बनाई गई एक कानूनी संस्था है। जब डिविडेंड (लाभांश) लगातार 7 सालों तक बिना दावे के रह जाते हैं, तो कंपनियों के लिए कानूनी तौर पर ज़रूरी होता है कि वे बिना दावे वाले डिविडेंड और उनसे जुड़े शेयरों को IEPF को ट्रांसफर कर दें। अच्छी बात यह है कि निवेशकों के पास इन एसेट्स (संपत्ति) को कभी भी वापस पाने का अधिकार होता है।
आज के डिजिटल युग में भी, कई निवेशक इस बात से अनभिज्ञ हैं कि उनकी निष्क्रिय वित्तीय संपत्तियां अभी भी आधिकारिक रिकॉर्ड में मौजूद हैं। अक्सर, ये निवेश वर्षों पहले भौतिक शेयर प्रमाणपत्रों या पुराने बैंकिंग विवरणों के माध्यम से किए गए थे, जिससे इन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। आईईपीएफ जैसे प्राधिकरणों के तहत बढ़ते नियामक अनुपालन और डिजिटलीकरण के साथ, वसूली प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो गई है। हालांकि, इसके लिए अभी भी सावधानीपूर्वक दस्तावेज़ीकरण, सत्यापन और रजिस्ट्रार, कंपनियों और सरकारी पोर्टलों जैसी कई संस्थाओं के साथ समन्वय की आवश्यकता होती है। यहीं पर सही मार्गदर्शन प्राप्त करना आपकी लावारिस संपत्तियों की सुचारू और सफल वसूली सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।
Investors facing documentation issues can seek help through our share recovery services.
Step 1: बिना दावे वाले निवेश खोजें। IEPF पोर्टल पर जाएं और यह पता लगाने के लिए कि क्या ट्रांसफर किया गया है, अपने PAN, कंपनी के नाम या फोलियो नंबर का इस्तेमाल करके खोजें। भारत में बिना दावे वाले पैसे वापस पाएं।
स्टेप 2: एंटाइटेलमेंट लेटर (हकदारी पत्र) प्राप्त करें। संबंधित कंपनी का नोडल अधिकारी यह पत्र जारी करता है, जो आपके दावे की पात्रता की पुष्टि करता है। भारत में बिना दावे वाली राशि (अनक्लेम्ड मनी) वापस पाएं।
Step 3: फॉर्म आईईपीएफ-5 ऑनलाइन भरें। विधिवत भरा हुआ आईईपीएफ-5 फॉर्म कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) के पोर्टल पर जमा करें।
Step 4: भौतिक दस्तावेज़ जमा करें सत्यापन पैकेज भेजें (हस्ताक्षरित फॉर्म, पात्रता पत्र,
indemnity bond, and KYC documents) to the company’s Nodal Officer.
स्टेप 5: कंपनी और आईईपीएफ द्वारा सत्यापन: नोडल अधिकारी आपके दावे की समीक्षा करता है और एक सत्यापित रिपोर्ट आईईपीएफ प्राधिकरण को भेजता है।
Step 6: अनुमोदन मिलने पर, शेयर आपके डीमैट खाते में जमा कर दिए जाते हैं और लाभांश आपके पंजीकृत बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
हमसे संपर्क करने में संकोच न करें। हम विशेषज्ञों की एक टीम हैं जो आपसे बात करने के लिए तैयार हैं।