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अप्रैल 15, 2026

IEPF क्लेम प्रोसेस पहली नज़र में मुश्किल लग सकता है - इसमें कई फ़ॉर्म, सरकारी पोर्टल और कागज़ात जमा करने की ज़रूरत होती है। यह गाइड इस प्रोसेस को आसान और साफ़-सुथरे स्टेप्स में समझाती है, ताकि आपको ठीक-ठीक पता हो कि क्या करना है, कौन से डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करने हैं और हर स्टेज पर क्या उम्मीद करनी है।
आईईपीएफ-5 दाखिल करने से पहले सभी दस्तावेज एकत्र कर लें:
1. अपने निवेशों की पहचान करें
अपने PAN या कंपनी के नाम का इस्तेमाल करके IEPF पोर्टल (iepf.gov.in) पर खोजें। अपने पुराने डिविडेंड वारंट, शेयर सर्टिफिकेट और परिवार के रिकॉर्ड से इसकी जाँच करें। IEPF क्लेम प्रोसेस के दौरान कई निवेशकों को अपनी होल्डिंग्स की संख्या देखकर हैरानी होती है।
2. फॉर्म आईईपीएफ-5 ऑनलाइन भरें
MCA21 पोर्टल पर लॉग इन करें और फॉर्म IEPF-5 को सही-सही भरें। इस फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, कंपनी की जानकारी, शेयर/फोलियो डेटा और बैंक खाता विवरण शामिल हैं। आवश्यक स्कैन किए गए दस्तावेज़ संलग्न करें और ऑनलाइन जमा करें।
3. नोडल अधिकारी को भौतिक दस्तावेज जमा करें
ऑनलाइन जमा करने के बाद, भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट लें, सभी मूल दस्तावेज संलग्न करें और पावती सहित पंजीकृत डाक द्वारा संबंधित कंपनी के नोडल अधिकारी (आईईपीएफ) को पूरा पैकेज भेज दें।
4. कंपनी एवं प्राधिकरण द्वारा सत्यापन
नोडल अधिकारी आपके दावे की जांच करता है और आईईपीएफ को सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करता है। कंपनी की आंतरिक प्रक्रियाओं के आधार पर इस चरण में 30 से 90 दिन लग सकते हैं। अतिरिक्त दस्तावेज़ या स्पष्टीकरण के लिए आपसे संपर्क किया जा सकता है।
5. शेयरों और लाभांशों का ऋण
IEPF अथॉरिटी की मंज़ूरी मिलने पर, शेयर आपके डीमैट अकाउंट में जमा कर दिए जाते हैं और उनसे जुड़ा बिना दावा किया गया डिविडेंड सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस तरह IEPF क्लेम की प्रक्रिया पूरी होती है।
हमसे संपर्क करने में संकोच न करें। हम विशेषज्ञों की एक टीम हैं जो आपसे बात करने के लिए तैयार हैं।